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Intro. राम राज्य था कैसा त्रेता युग में श्री राम के शासन काल को राम राज्य कहा जाता है जिसमें सभी लोग खुश थे। फल-फूल, पशु-पक्षी व समस्त प्रकृति प्रसन्न थी। लोग सत्य बोलते थे, किसी प्रकार का किसी के मन में कोई द्वेष, वैर-विरोध, लूट-खसूट, चोरी-झगड़ा इत्यादि नहीं होता था। सभी परस्पर प्रेम भाव से मिल-जुल कर रहते थे। राजा अपनी प्रजा को संतान की तरह मानते थे। जब 14 वर्ष तक भगवान श्री राम वन में गए तब तक भगवान श्री राम की खड़ाऊं को ही उनके आसन पर रखा गया। भरत ने राज तिलक स्वीकार नहीं किया। शास्त्रानुसार जब तक भगवान वापस नहीं आए तब तक अयोध्या में किसी प्रकार का कोई उत्सव नहीं मनाया गया।

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@Rani